About Dosti Shayari

दोस्तों से बिछड़ के यह एहसास हुआ ग़ालिब,

मेरा सबसे अच्छा साथी तू ही है, जिगरी दोस्त,

फिर भी सबसे ज़्यादा तेरे ही साथ को चाहते हैं।

कि हर मुस्कुराता चेहरा अपना नहीं होता।

तू मेरा चाय का साथी, मैं तेरा पानीपुरी वाला यार,

जैसे सच्ची दोस्ती, जो बिना शर्त निभाए जाते हैं।

कभी जिसको दिल से चाहा था, अब वो दूर हो जाता।

तेरी नाराज़गी में भी प्यार का संकेत छुपा होता है!

यह वो Dosti Shayari रिश्ता है, जो बिना शब्दों के निभाई जाती है।

हमारी दोस्ती में जितना प्यार है, उतनी शरारतें भी हैं,

“दोस्ती वो रिश्ते है, जो हवा सी साफ है।”

दोस्ती का यही काफ़ी है, तू मेरे लिए खास है!

कुछ रिश्ते बिछड़ कर फिर कभी नहीं मिलते,

खुदा क़सम ऐसे दोस्तों पे हम दिलो-जा से मरते है

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